Rani Bhabhi Ka Sexy Massage

Hi, i m zaid main is site ka bahut shokeen hoon, to main bhi apna ek exprence shair krna chahta hoon, ye meri life ki sachhi story hai, aur ye mera teesra exprence raha hai, I am zaid, main jaipur me rehta hoon aur ye kahani aaj se 6 month pehle ki hai jab main ujjain aaya tha, ujjain me mere bade papa rehte hai aur pass me rani, badepapa ke ghar me badi mammi aur unka chhota beta rehta hai, aur badi didi ki shaadi ho gayi hai, (rani mere bade papa ki sali) rani mujhse umar me badi hai, unki umar 29 saal hai, main unko bhabhi keh kar pukarta tha, rani ek house wifi hai, unke husband bank me hai, unka office time 09:00 am se 05:30 pm tak hota hai, aur unka ek 6 yaar ka ladka hai, jo subha 8:00 se 04:30 pm tak school me rehta hai, rani – wo sawli hai, unka fig (32-30-34) ka hai, unka nature achha hai, wo khule mijaz ki hai, main (zaid) handsm boy, hight 5’10” khula nature, hasta-hasata (by joke veg aur non-veg) land 6.5″ inch main bhabhi se bhut khula hua tha.

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Sex With Aunty

Mera name Varun hai me patiala me rahta hu Punjabi University me pdta hu jab se mujhe sex ke bare me pta chala me sex karne ki koshish karta rahta mujhe aunty or bhabhi buhut acchi lagti h kyuki unhe experience buhut hota h me pados me ek aunty rahti men unhe pahle baar dekha toh me pagal ho gya tha or unhe chodne ke bare me sochne laga me buhut hi sundar dikhne wala ladka hu meri age 23 years h mere lund

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जीजाजी का लौड़ा हाथ में लेते ही चूत मे खुजली होने लगी

मेरा नाम डोली हैं और मैं पंजाब के लुधियाना से हूँ, मेरी उम्र 19 साल की हैं और यह सच्ची घटना 9 महीने पहले की हैं. मेरे घर में मेरे अलावा दो बहने हैं छोटी का नाम कुलदीप हैं और उसकी उम्र 16 साल हैं.

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मेरे भाई और उसके दोस्त ने मुझे चुदक्कड बना दिया

हेल्लो मेरा नाम अनुपमा पाठक है और यह कहानी मेरे बारे में है की कैसे मेरे भाई और उस के दोस्तों ने मेरे बॉय फ्रेंड के बजाय उन लोगो ने जबरदस्ती मेरी सील तोड़ी. चुदने बैठी थे अपने बॉय फ्रेंड से और चोद दिया भाई और उस के दोस्तों ने मस्ताराम.नेट वेब साईट मेरे भाई ने मुझे बताई थी यहाँ की कहानिया पढ़ के ऐसा लगा की मुझे भी अपनी कहानी लिखनी चाहिए. मेरे भाई ने ही मुझे चुदक्कड बना दिया है मतलब की चालू भाषा में मुझे उसने चुदेल बना दिया है अब तो चुदे बिना ऐसा लगता ही नहीं की जिन्दगी है बस चुदवाते रहो हर तरीके से लंड लेते रहो बस चले तो २४ घंटे चूत का बजा बजवाते रहो.एक दिन की बात है की मम्मी पापा दो दिनों के लिए बाहर जाने वाले थे तो उन्होंने मेरे भाई से कहा की घर का ख्याल रखना कही जाना नहीं तुम और अनुपमा को ही रहना है दो दिन अकेले तो उस पर ऋषि (भाई ) ने कहा की पापा आज मेरा क्रिकेट मेच है मैं नहीं रुकुंगा शाम को वापस आ जाऊंगा तो पापा ने कहा की बेटा अनुपमा ऐसा करना की शाम तक के लिए किसी सहेली को बुला लेना मैंने कहा ठीक है पापा वोह लोग ११ बजे की ट्रेन से चले गए और भाई भी आधे घंटे बाद यह कह के चला गया की मैं जा रहा हूँ तू किसी सहेली को बुला ले मैं पांच या छः बजे तक आ जाऊंगा. मैंने भी सोचा की क्या फर्क पड़ता है अकेले रह लुंगी जाने देती हूँ ऋषि को. मैं उसके जाने के बाद टी वी देखने बैठ गई थोड़ी देर बाद मैंने सोचा की अब १ बज रहा है नहा धो लेती हूँ फिर कुछ बना लूंगी खाने के लिए तो मैंने अपने ब्रा पेंटी उठाये तोवेल लिया और बाथरूम में घुस गई कपडे उतार के घर में कोई था नहीं तो कोई टेंशन भी नहीं थीजवान तो मैं हो ही गई थी पर कमाल की बात थी की मैंने अभी तक किसी से चुदवाया नहीं था बस कभी कभी अपनी चूत में ऊँगली डाल के उस को मज़े दिला लेती थी आज भी अकेली थी तो बाथरूम में जब मैं नंगी होके नहाने लगी तो मन किया की क्यूं ना थोडा मजा लिया जाये तो मैं अपनी चूत में उंगी डाल के उसे सहलाने लगी थोडा बहुत मसल मसल के मैंने चूत को गरम कर लिया अपने बूब्स से खेलने लगी उंगली डालने के कारन अब मस्ती छाने लगी थी चूत गरम हो गई थी अचानक मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया तो मैंने सोचा आने दो नहा के कॉल बैक कर लूंगी पर मोबाइल फिर से बज उठा मुझे बड़ा गुस्सा आया की यहाँ चूत में गर्मी चढ़ रही है जाने कौन है जो मेरी चूत का दुश्मन बना जा रहा है तीसरी बार बजी तो मैंने सोचा की कही पापा का ना हो तो मैं बाथरूम से टॉवेल लपेट के कमरे में आई तो फ़ोन फिर से बज उठा मैंने जल्दी से मोबाइल उठाया तो देखा की धर्मेश ( मेरा बॉय फ्रेंड) का फ़ोन था मैंने हेल्लो बोला तो बोला जान इतना टाइम कैसे लगा किया कॉल ले ने में मैंने कहा की नहा रही थी तुम्हे भी तो चैन नहीं है नहाने भी नहीं दिया ठीक से तो धर्मेश ने शरारत से कहा की वाह जान मैंने भी आ जून क्या नहाने साथ तुम्हारे मैं थोड़ी शर्मा सी गई तो मैंने कहा धत्त शरारती कही की वह हंस पड़ा बोला यार अनुपमा मैं कौन सा आने ही वाला था मरना है | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  क्या वह आके तुम्हारे मम्मी पापा मुझे मार डालेंगे तो अचानक मेरे मुह से निकल गया की अरे वह लोग तो हैं नहीं यार आज घर में मैं अकेली ही हूँ भाई भी नहीं है तो धर्मेश ने कहा की वाह जानेमन आज तो मौका है आ जाऊं क्या थोड़ी मस्ती हो जाये मैंने कहा की पागलो जैसी बात नहीं करो चलो अब मैं जा रही हूँ नहा के आती हूँ फिर खाना भी बनाना है मुझे अपने लिए तुम्हे क्या है तो वह बोला की जानू मैं पिज्जा ले आता हूँ वही पर थोड़े मजे भी कर लूँगा तुम्हारे साथ मैंने कहा की नहीं नहीं आना मत यहाँ पर उसने कहा की जैसी तुम्हारी मर्ज़ी मैं फिर से बाथरूम में घुस गई और नहाने लगी नहाते नहाते मैंने चूत पर साबुन लगाया अपने नीचे के बालो को भी थोडा सा साबुन लगा के साफ़ किया तो जब मैं चूत पर साबुन लगा रही थी तो चूत में फिर से सनसनाहट होने लगी तो मैंने फिर से उंगली डाल के चूत को रगड़ना शुरू कर दिया अचानक मैं वासना से पागल सी हो गई ऐसा लग रहा था की उफ़ यह पतली सी ऊँगली क्या मज़ा देगी कोई मोटी चीज़ होती तो मजा आ जाता बस यही सोचते हुए अचानक मेरे मन में ख़याल आया की अनुपमा आज चूत की गर्मी निकलने का अच्छा मौका है माँ पापा भी नहीं है भाई शाम तक आने वाला नहीं है तो क्यूं ना धर्मेश को बुला लिया जाये बस यह ख़याल आते ही मैंने चूत से खेलना छोड़ के अपने नीचे के बाल रिमूवर से साफ़ किये ताकि पहली बार चुदने जा रही हूँ तो बॉय फ्रेंड को भी तो मजा आना चाहिए फिर मैंने फटाफट नहाया और बाहर आ के धर्मेश को फ़ोन लगाया की उस ने फ़ोन उठाया तो बोला की जानू क्या हुआ कैसे कॉल किया तो मैंने कहा की पिज्जा खाने का मन हो रहा है ला रहे हो क्या (मैंने उसे यह नहीं बताया की आज मैं चुदाई की आग में जल रही हूँ मैंने सोचा की उस को थोडा सा तडपाऊँगी तो अपने आप ही कहेगा की आज कुछ कर लेने दो मन मत करो ) उसने कहा की जानू तुम्हारे लिए कुछ भी बोलो कब आना है मैंने कहा की आ जाओ जल्दी से भूख लग रही है बड़ी (वह बात अलग है की पिज्जा की नहीं चुदाई की) उस ने कहा की डोमिनो से पिज्जा ले के आ रहा है वह बस थोड़ी देर में.उसके बाद मैंने अपनी एक लेस वाली बढ़िया सी ब्रा और पेंटी निकली और पहन ली बढ़िया परफ्यूम लगाया और एक टॉप निकाल के पहन लिया जींस पहन ही रही थी की ख्याल आया की नहीं जींस नहीं कोई मिनी स्कर्ट पहनी जाये ताकी धर्मेश को रिझाने में आसानी रहेगी तो मैंने एक सेक्सी सी मिनी स्कर्ट पहन ली फिर शीशे में देखा की हाँ अब मैं किसी भी लड़के का लंड खड़ा करने लायक दिख रही हूँ आज धर्मेश मुझे खुद कहेगा की आज मुझे अपनी जवानी का मज़ा ले लेने दो. मैं अपने आप को शीशे में निहार रही थी की घंटी बजी मैं समझ गई की धर्मेश आ गया है पिज्जा ले के मैंने तेज़ी में गेट की तरफ गई और दरवाजा खोला तो वह धर्मेश ही खड़ा था. उस ने मुझे देख के कहा की क्या बात है जानेमन आज तो क़यामत लग रही ही देख के ही बिजली गिर रही है दिल पर मैंने शरमाते हुए कहा की चलो बेकार की बातें मत करो रोज़ जैसी ही तो लग रही हूँ अब जल्दी से अन्दर आ जाओ वरना कालोनी वाले देख ना ले मैंने धर्मेश का हाँथ पकड़ा और उसे अन्दर खीच लिया धर्मेश अन्दर आ गया तो मैं पलट के दरवाजे को लौक लगाने मुड़ी तो उस ने मुझे वापस खीच लिया और अपने होठ मेरे होठों पर रख दिए मुझे बांहों में भर लिया और मुझे किस करने लगा मैं तो आग में जल ही रही थी जवानी की मैंने भी उस को कस के बाहों में भर लिया और उस के होंठों को चूमने लगी मेरा साथ पा के तो धर्मेश पागल सा हो गया उस ने मुझे अपनी बाहों में मसलना शुरू कर दिया जैसे आज मेरा अंग अंग तोड़ देगा मैंने उस के कहा की उफ़ छोडो भी मुझे पिज्जा उस ने जमीन पर छोड़ दिया था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | और अब मेरे होठो को छोड़ के वह मेरी गर्दन मेरे गाल को चूमते हुए बोल उठा की आज तो ऐसा लग रहा है की कच्चा चबा जाऊं जानेमन कामाल की लग रही हो मैंने कहा हटो भी पिज्जा ठंडा हो रहा है मुझे भूख लगी है उस ने कहा की जानू आज तो तुम इतनी हॉट लग रही हो की पिज्जा भी तुम्हारी जवानी के आगे ठंडा ही लगेगा मैंने उसे धक्का दे कर अपने आप को छुडाया ओउर पिज्जा ले के सोफे पर बैठ गई और टीवी चला लिया तो धर्मेश भी मेरे बगल में आ के बैठ गया उस ने कहा की अनुपमा मैं पिज्जा लगा तो अब कम से कम लेन का मेहनताना तो ले लेने देती ठीक सेमैं हंस पड़ी उसे चिड़ाते हुए मैंने कहा की फिर तो मुझे खुद ही डोमिनो फोन कर के माँगा लेना था और जो पिज्जा देने आता उसे दो चार किस दे के कहती की हो गए तुम्हारे पैसे अब जाओ तो धर्मेश ने कहा की जानेमन वोह चला भी जाता पर अगर उस का खड़ा हो जाता तो तुम्हारी लिए बिना नहीं जाता और कहते हुए उस ने मेरे नंगी जांघ पर हाँथ फेर दिया मैं तो अभी मस्त हो के पिज्जा खाने के नाटक कर रही थी मैंने उसे रोका नहीं तो उस की हिम्मत बड़ी और और ने हाँथ थोड़ा और अन्दर कर दिया अब धर्मेश मेरी स्कर्ट के अन्दर हाँथ ड़ाल के मेरी जांघ को रगड़ रहा था मुझे मजा आने लगा था.मैंने टीवी के चैनल चेंज करने का नाटक किया और फिर से पिज्जा में मस्त हो गई तो उस ने मौका देख के जांघ को मसलना शुरू कर दिया और थोड़ा अन्दर की और हाँथ बड़ा के मेरे पेंटी को छूने लगा तो मैंने थोड़ा सा नाटक करते हुए उस के हाँथ पर चांटा मारा और कहा की हटो भी क्या मस्ती कर रहे हो और उस की तरफ नकली गुस्से से देखा तो मुझे समझ में आ गया की धर्मेश का चेहरा लाल होने लगा था उस पर मस्ती छाने लगी थी मैं समझ गई की तीर निशाने पर लग गया है अब ज्यादा देर नहीं है मेरी सील टूटने में अन्दर से डर भी लग रहा था की पहली बार है ऐसा ना हो की सह नहीं पाऊं मैं लंड को अपनी छोटी सी चूत में फिर सोचा की जो होगा देखेंगे मर जवानी का मज़ा तो लेना है आज चाहे कुछ भी हो जाये मैं फिर से टीवी की तरफ देखने लगी मन टीवी में नहीं लग रहा था पर नाटक तो करना था ना की धर्मेश ये न समझे की उस की गर्ल फ्रेंड तो बिगड़ी हुयी लड़की है मैं चाहती थी की वो ही मुझ से कहे की आज सेक्स कर लेने दो मुझे ताकि मेरा काम भी हो जाये और उस की नज़र में यह भी रहे की मैंने धर्मेश के कहने पर ही अपनी सील तुडवाई हैमैंने धर्मेश को रोका नहीं तो उस की हिम्मत और बढ़ गई उस ने जांघ पर हाँथ फेरना बंद कर दिया और अब उस ने अपना हाँथ मेरे टॉप के नीचे से अन्दर ड़ाल दिया और मेरे बूब्स को मसलने लगा तो मैंने कहा हाय क्या कर रहे हो क्यूं शैतानी कर रहे हो यह कहते हुए मैंने उस के हाँथ को पकड़ लिया तो उस ने कहा की जानू प्लीज थोड़े मज़े ही ले लेने दो ना मैंने कहा हटो यह सब शादी के बाद करने के काम है किस तो चलता है यह सब नहीं. धर्मेश का तो तब तक मन बन गया था की आ मेरी ले के ही मानेगा तो उस ने मुझे प्यार की कसम देते हुए कहा की जानू तुम मुझ से प्यार करती हो तो मुझे आज रोको मत तो मैंने भी थोड़े नाटक करते हुए उसे मेरे बूब्स दबाने दिए तो मुझे भी थोड़ी मस्ती आने लगी मैं भी सिसकारी भरने लगी तो उस को और मजा आने लगा तो उस ने मुझे सोफे पर धकेल दिया और मेरे ऊपर चढ़ के मेरे लिप्स चूमने लगा और अपने हाँथ से मेरे बूब्स को मसलने लगा मैं उफ़ उफ़ करने लगी और उस से कहने लगी की हाय धर्मेश मत करो ना कुछ कुछ होता है अन्दर तो उस ने कहा की होने तो जानेमन प्यार की आग है जो तुम्हारे अन्दर जल रही है आज मुझे अपनी जवानी की आग को बुझा लेने दो कहते हुए मेरी स्कर्ट के उंदर हाँथ ड़ाल के उसे नीचे सरका दिया और फिर मेरी पेंटी में हाँथ ड़ाल के मेरी चूत को रगड़ने लगा | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

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देवर की पिचकारी मेरी चूत में

हैल्लो दोस्तों, ये स्टोरी मेरी और मेरी बहन की है. मेरी बहन दिखने में बहुत सुंदर है और उसका नाम रितु है और उसकी हाईट 5 फुट 11 इंच और वो बिल्कुल दीपिका पादुकोण जैसी लगती है. मेरे एक गर्लफ्रेंड भी है और उसका नाम दीपशिखा है. दीपशिखा मेरी बहन की सबसे अच्छी दोस्त है और वो दोनों कॉलेज में एक ही क्लास में है.

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फूफा ने मेरी चूत चोदकर मेरी फुद्दी से पानी निकाला

मेरा नाम नैना है और मैं बनारस की रहने वाली हूँ। और मेरी उम्र 20 साल और मेरी अभी तक शादी नही है। मैं देखने में काफी सुंदर हूँ और मेरे चहरे की कटिंग भी बहुत ही अच्छी है। और मेरे मम्मो तो कमाल के है। मेरी चूचियां बहुत ज्यादा बड़े नही है लेकिन काफी टाईट है। मेरी चूची के निप्पल तो बिलकुल तने हुए रहते है जिससे मेरी चूची और भी अच्छी लगती है देखने में और मेरा गोरा बदन को देखने के बाद तो कोई भी अपने आप को मुझसे दूर रख ही नही पायेगा। मेरी चूत की बात करे तो बहुत ही मस्त और काफी रसीली चूत है मेरी। मेरी चूत की गुलाबी दाना देखने में थोडा बड़ा और काफी लाल है जिससे मेरी चूत की खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। मैंने अपने जिन्दगी में केवल एक लड़के से ही चुदवाया था जिससे मैं दिल से प्यार करती थी। लेकिन वो लड़का केवल मेरी चूत चोदने के लिए ही मुझसे प्यार करता था। पहले कुछ दिन तो वैसे ही चलता रहा लेकिन कुछ दिन बाद जब मैंने पहली बार चुदाई करवाई तो मुझे और उसे दोनों को बहुत मज़ा आया। फिर कुछ दिनों तक उसने मुझे चोदा और जब मेरी चूत से उसका मन भर गया तो उसने मुझे छोड़ दिया और दूसरी लड़की के पीछे लग गया। मैंने तभी सोच लिया अब अपनी चूत किसी को नही देनी है। मैंने कुछ दिनों तक अपने हाथ से काम चलाया और अपने चुचियों को अपने हाथो से ही मसल लिया करती थी जिससे मुझे शांति मिलती थी। धीरे धीरे समय बिता। इंडियन सेक्स कहानी डॉट कॉम

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मैंने 10-15 मिनट तक उसका लंड चूसा 💋 उसके लंड में से ढेर सारा पानी निकला चूत तो इस बीच ना जाने कितनी बार अपना पानी छोड़ चुकी थी और। …..

हाय फ्रेंड्स, मेरा नाम वन्दना है, मेरी उम्र 27 साल की है और मैं दिल्ली की रहने वाली हूँ. दोस्तों मैं एक शादीशुदा औरत हूँ और मुझको सेक्स करना बहुत पसन्द है. दोस्तों मैं भी आप सभी की तरह कामलीला डॉट कॉम की एक नियमित पाठिका हूँ. मेरा रंग थोड़ा गेहुँवा सा है और मेरा फिगर 34-30-36 का है. दोस्तों जो भी मेरी उभरी हुई गांड और बब्स को एकबार देखता है तो देखता ही रह जाता है. दोस्तों जैसा कि, मैंने आप सभी को बताया है कि, मुझको सेक्स करना बहुत पसन्द है पर मेरे पति को सेक्स इतना पसन्द नहीं है और वह तो अपने काम धंधे में ही व्यस्त रहते है। दोस्तों अब मैं आप सभी को इस वेबसाइट के माध्यम से मेरे साथ हुई एक घटना को एक कहानी के रूप में बताने जा रही हूँ और आशा करती हूँ कि, यह आप सभी को मेरी यह कहानी जरूर पसन्द आएगी।

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स्कूल में मैडम जी की चूत पूजा लंड से

नमस्ते भाई लोग कैसे हो सब ? कैसी रही तुम सब की दिवाली ? कसिकी गांड जालाये और किसी गांड में बम फोड़े ? अपनी तो एक नंबर रही दिवाली यार खूब दारूखोरी किये और कई घर में राकेट छोड़े और कई लोगो के घर में बम भी मारे | ख़ैर, मेरा नाम सनम है और मैं मेघालय में रहता हूँ | मेरी उम्र 22 साल है और मैं सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहा हूँ | दिखने में सांवला हूँ और मेरी कद काठी थोड़ी कम है | मेरी हाईट 5 फुट 7 इंच है और मेरे लंड का साइज़ भी 5 इंच लम्बा और २ इंच मोटा है | भाई लोग मैं तुम लोगों के सामने अपनी कहानी लिख रहा हूँ न ये मेरी पहली कहानी है | ऐसा नही है कि मैं चुदाई की कहानी पहली बार लिख रहा हूँ तो पढ़ा भी पहली बार हूँ | मैं चुदाई की कहानिया तकरीबन 3 साल से पढ़ते आ रहा हूँ और मुझे चुदाई की कहानिया इतनी पसंद है कि क्या बताऊ ? मुझे चुदाई की कहानिया इसलिए इतनी पसंद है क्यूंकि इसमें लोग अपने अपने व्यूज और चुदाई के नए नए तजुर्बे को बताते हैं | आज मौका मिला मुझे कि तुम लोगो के सामने अपनी कोई कहानी लिखू तो आज मैं कहानी लिख रहा हूँ | मैं उम्मीद करता हूँ कि तुम सब को मेरी ये कहानी जरुर पसंद आयगी और इसे पढ़ कर तुम लोगो को मजा भी बहुत आयगा | तो अब मैं तुम लोगो का समय बरबाद नही करूँगा और अपनी कहानी शुरू करता हूँ |

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तीन मस्त लोड़ो ने पूरी रात चोदा

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम सोनिया है और में चुरु के पास एक छोटे से गाँव में रहती हूँ और में अपनी नौकरी के लिए तैयारी कर रही हूँ. मेरी दो दोस्त की मुझसे पहले ही नौकरी लग चुकी है और उनमे से एक की तो कुछ समय पहले शादी भी हो गई.

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