bhabhi ki chut ka deewana

मेरा नाम संजू है में इस ाइट पर 3 सालोसे कहानिया पढ़ रहा हु में अपने जीवन की पहेली सेक्स ी बात रहा हु ये कहानी 2012 कीै.ये कहानी मेरी और मेरे पोस की भाी की है ं मेरे ारे ं बताता हु मेरे cो llage ka लास्ट ईयर था में अपने पढाई ं बिजी था मेरे पड़ोस में एक कपल आया हस्बैंड वाइफ और उनकी वाइफ और एक लड़की थी 3 सालकी ी. में अपने स्टोरी पे आता हु में बहुत शर्मीला लड़का ु और में किसीसे ायदा बात भी नहीं करता था और दिख ं ठीक हु स्लिम बॉडी हे मेरी भाभी बहुत अछि दिखतिथि उसे देख के लंड खड़ा न हो ऐसे हो ही नहीं सकता मुझे वो बहुत पसंद थी पर वो किसी से बात नहीं करती थी और ें भी शर्मिला था.एक दिन में पढाई कर रा था तो एक छोटा बचा आया और बोलै kiकी भाभी आप को बुला रही ै मुे यकीं नहीं हो रहा था ं उनके पास गया तो उनका CD ￰प्लेयर नहीं चल रहा था में चेक करके ठीक किया और चला गया क्युी उनके सामने मेरी आवाज भी है निकल रही थी. दूसरे दिन में coल ल age आया तो वो मेरे घर पेेरी माँ से ात कर रही ी िर वो मुझे ंक बोल ke चली गई ऐसे ही कई दिन चले गये र एक िन में बाहर जा रहा था तो उसने मुझे बुलाया और बोली की उसको रिचार्ज करना ै.उसने अपना नंबर दिया और पैसे िए मेने रिचार्ज कर के उनके नंबर पे कॉल करे पूछा की रिचार्ज आया की नहीं तो वो हां बोली मेने उनका नंबर सेव करके रखा मुझे ीचा बहुत होती उनसे बात करने की पर मुझे दर लगता thaथा 2 हफ्ते ऐसे ही चले गए एक दिन उनका कॉल आया मुझे और वो बोली की मुझेाम hai तुमसे तो में ओके बोला उनका financiल प्रॉब्लम में हेल्प की तो उनकी और मेरी अछि दोती ो गयी ा दिल बुत करा रहा था की कब छोड़ने का मौका मिले आखिर wo दिन आही गया में उने घर पे गया तो वो नाहा री थी उसने मुझे बोला की बाद में आओ पर में उनके हॉल में था और मुझे सामने उनी पैंटी दिखी मुझ se रहा नहीं गया और में उसे सूंघने लगा और चाटने ला 2 मिनट बाद मुझे होश आया तो में वो पैंटी छोड़के वहा से चला गा चाे के वजसे पैंटी थोड़ी गीली हो गई में थोड़ा दर गया अगले 2 से 4 दिन न उनके घर गया और नहीं उनसे आखे मिला पाया फिर उन्होंने मुझे कॉल करके ुलाया मेरी गांड फट गई फिर भी ें चला गया तो ो नार्मल थी वो चाय बनाके लायी जब वो चाय देने झुकी तो मेरी आखे फटही kकी फटही र गयी क्या बूब्स थे उसके उसने नोटिस किया में क्या देख रहा हु फिर कुछ nयी बोली जब िचेन में जा री थी तो गांड हिल रही अब मेरे से कंरोल नहीं ो रहा था पर दर लग रहा था जब वो वापस आई तो मुझ puch रही कहा गुम रहते हो आज कल आते भी नहीं कोइ गर्लफ्रेंड पता ली क्या तो बोला मेरी इतनी अछि किस्मत कहा की मुझे लड़की पते तो ो ोली की आज कल की लड़कियों को तुम्हारे सरीखे लड़के पसंद ै सब बात करते समय उनके बूब्स पे ही नजर थी वो मुझे पागल करहि ी में बोलै ये सब बोलने की बाते है ऐसा कुछनहीं रहता तो वो बोली सी में आज कल सब लड़ियों को तुम्हारे जैसे लड़के पंद है मेरी नजर अभी भी उनके बू्स पे थी पर वो कुछ नहीं बोल रही थी. तब मुझे लगा की कुछ काम बन सकताहै तो मेे उनको पूछा की तुमको कैसे लड़के पसंद ह है और वो ुंत ोली की तुम्हारे जैसे ें शोक हो गया मेने सोचा की आज काम होक रहेा तब उन्होंने मुझे अपनी चॉइस पूछी तब में बोला की छोड़ो जाने दो वो बहुत जोर दे रही थी तब उनसे बोला की आप घुसा तो नहीं होगी ना उसने प्रॉमिस ा तो मेने उनका हाथ पकड़के घुटने पे बैठे के उनको i love you बोल दिया वो कुछ बोल ही नहीं प् रही थी तो मुझे लगा उसको गुा आया तो में उनको सॉी बोलकर निकल ही रहा था उन्होंने मुे बुला के एक जोर से चटा मारा और बोली इतना बोलने के लिया kitnी दिन वे किये और मुझे हुग कर लिया में उसके बूब्स हाथ में लेके दबा रहा था ेस े ऊपर से ही चूस रहा था तब ेने उनको पूछा की तुमको में पसंद था तो आप बोली क्यों नहीं वो भी दर रही थी की अगर मुझे आचा नहीं लगा ो उसको तब पता चला जब मेने उसके ैंटी को चाट चाट के गीली करदी थी तब उसको यकीं हो गया की में भी उसके पीछे पागल हु फिर मेने तुरंत उसको बैडरूम में ले गया और उनके कपडे उतरे अब वो सिर्फ ब्रा auर पैंटी में थी में देख के पगाल हो रहा था उनके पास जा के लिप किस करने लगा और एक हाथ से बूब्स प्रेस कर रहा था और एक पैंटी के ऊपर घूमहा रहा था 5 मिनट ाद उनकी पैंटी निकली बुर पर छोटे छोटे बाल थे ो देख के ुझसे रहा नीं गया और में उसी बुर पागलो की तरह चाटने लगा उसे वो सब अजीब लगरहाथा वो मुझेुर दूर कर रही थी और बोल रही थी ये सब मत करो बहुह गन्दा होता hा है तो मेने उसे समझया की बुर चाटे बगैर चुदाई कभी पूरी नहींोती उसको बहुत समझने ke बाद वो मान गई और ं उसकी बुर चाट रहा था अपनी जिब उसके बुर मेंm ाल रहा था बुर के दाने के साथ घेल र रहा था वो पागल हुए जा रही थी दोनों पैर जॉइंट करके मेरे सर को पकड़के बुर पे दबा रही ी और बोल रही थी आई लव यू संजू पहेली बार किसीने उसकी बुर छाती थी और वो बहुत खुश थी अब uskा पानी छूट गया और वो थोड़ी शांत हो गई फिर उठा अपा लंड उसके मुके पास ले के गा पर वो मुमे le नहीं रही थी बहुत समझया पर वो नीं मानी लंड हाथ में लेक उसे खेलने लगी उसको मेरा लंड बहुत पसंद आया क्यों की लंड एक दम कड़क था और 6 इंच का होगा मेरा उसे अभी रहा नहीं जरा ा वो ों पैर खोलके चोदने को बोल रही थी पर मुझे उसकी गांड कुछ जायदा ही अछि लगी तो में उसके गांड के छेद पे जिब लगा के चाटने लगा तो वो समज गई वो मुझे ार bार नहीं बोल रही थी पर मेने उसे समझाया और ेल बोतले ले के उसके गांड के छेद पे दाल के ऊँगली डालने लगा धीरे उसे भी मजा आ रहा था मेने देर न करते हुए लंड पे तेल से मालिश करके उसके गांड के छेद पे रख दिया और उसके बोस प्रेर कर रहा था मौका देख के जोरसे झटका दिया 2 इंच अदर चला गया उसके आँखोसे पानी निकल रहा था वो बहुत गली बक रही थी लंड निकालने bol रही थी पर में धीरे धीरे करता रहा 5 मिनट बाद उसे भी मजा आ रहा ा वो भी आाजे िकाल के चुद रही थी और पति गली दे रही थी बोल रही थी की भड़वा आा है ुद में लंड दाल के पानी छोड़के ो जाता है और वो अधूरी ही प्यासी रहे जाती है जबसे मेनेसी पैंटी चाती तब से वो चुद वाना छाती थी 10 मिनट गांड ारणे बाद उसके गांड में ही झड़ गया मेरा पहिा टाइम है इसिए जल्दी झाड़ गया और दोनों ऐेही एक दूसरे के शरीर से खेल रहे थे मेरा लंड फिर से खड़ा हुवा उसके दोनों पैर खोलके उसकी बुर 5मिनटतक चाती फिर उसके बुर में दाल रहा पर जा नहीं रहा था उसकी बुर टाइट थी थूक लगाके चिकना किया और एक जोर का शॉट मारा आधा लंड घुस गया पर कुछ नहीं बोली में जोर जोर से शॉट मर रहा था वो सिर्फ गांड उठा उठा के चुद रही थी पुरे रू में फथ फथ आवाज आ रही थी 15 मिनट बाद वो थक गयी और बहार निकलने को बोल रही थी पर मेरा अभी तक नहीं हुवा था मेने उसके बुर से निकल के उसे उल्टा करके उसके गांड में डाला ३ मिनट गांड मरने के बाद उसके गांड में ही झाड़ दिया उसकी गांड बहुत अछि थी और असेही 2 सालो तक हफ्ते 2से ३ बार हमारी चुदाई होती जब भी चोदने जाता उसकी गांड जरूर मरता उसकी गांड अब बहुत बड़ी होगयी थी 1सालो तक चुदाई के बाद वो बोली मुझे तुमसे बचा चाही तो 3 महीने बाद वो प्रेग्नेंट हो गई और उसके बाद चुदाई kम हो गई डिलीवरी के लिए वो गांव चली गई वो फिर कभी नहीं आयी आज भी उसकी याद ात haiहै तो लंड खड़ा हो जाता है अब उसका पति भी एरिया छोडे के चला गया तबसे लेके में सिर्फ मैरिड औरतो चोदता हु और लड़की मिली तो ठीक ही है जिसे भी अकेला पैन दूर करना हो तो मुझे कांटेक्ट करे 100% सटिस्फैक्शन कांटेक्ट मि kapoorsanju62@gmail.com

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जवान लड़की की बुर चुदाई की गर्म कहानी

हाय.. बुर चाटने के शौकीन दोस्तो और लंड चाटने वाली दीदी.. भाभियों और आंटियों, आपकी बुर को छू कर प्रणाम करता हूँ. आप सभी लंडधारियों को भी बुर के पुजारी प्रेम का प्रणाम.

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जीजू ने मुझे रंडी की तरह चुदवाया

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम मीनू है और मेरी उम्र 21 साल है। में एकदम गोरी चिट्टी हूँ। मेरा उभरे हुए बूब्स, गोल गोल चूतड़ है। दोस्तों इस नादान उम्र में हम लड़कियों की चूत कुछ ज़्यादा ही मचलती है और सभी सेक्स की शौकीन भाभी, दीदी और आंटियों की एक बार चुदाई हो चुकी होती है तो वो या तो अपनी पति से पहली बार चुदती है या फिर अपने बॉयफ्रेंड से, लेकिन दोस्तों मेरी चूत की सील मेरे जीजा जी ने तोड़ी थी। तो आज में आप सभी के सामने AntarVasnaSEX.Net पर अपनी एक सच्ची चुदाई की कहानी सुनाने जा रही हूँ, जिसे पूरी तरह विस्तार से सुनने के बाद आपको बहुत मज़ा आएगा। वैसे में इस साईट की कहानियों को बहुत सालों से पढ़कर बहुत मज़े से अपनी चूत को शांत करती हूँ, लेकिन उससे पहले में अपने फिगर का साईज बता दूँ। मेरे फिगर का साईज 30-26-32 है और में 12th में पड़ती हूँ। में और मेरी दीदी पिंकी भी कई बार मेरे जीजू के दोस्तों से चुद चुकी है इसलिए हम आपस में भी बहुत खुली हुई है।

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बड़ा लंड से साली को मजा कराया

बड़ा लंड से साली को मजा कराया बड़ा लंड से साली को मजा कराया सबसे पहले मैं आपको अपना परिचय दे दूँ। मैं मुंबई का रहने वाला हूँ, हमारा नाम राज है, उम्र 38 साल है, हमारा कद 5′ 8″ है। सेक्स के मामले में मैं बहुत अनुभवी हूँ लेकिन मैं दिखने में कोई खास […]

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Meri gangbang kahani

Meri gangbang kahani Hello dosto mera name monika ha aur aag ma apni sex story aap sab se share karne ga rahi hu.Me ess site par kai kahani pad chuki hu to mane bhi apni kahani send karne ke bare me socha. ME abhi 27 sal ki hu aur ye ghatna tab ki ha jab […]

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दोस्तों ने मेरी माँ का गेंगबेंग किया और चुत फाड़ी

दोस्तो, मेरा नाम अमन है, मैंने मेरी चुदक्कड़ माँ की चूत और गांड चुदाई की थी. उस दिन मेरी माँ शिल्पा ने मुझे बताया कि उसने किस किस से अपनी चुदाई करवाई थी. मैं उसके मुंह से ये सब सुनकर एकदम चौंक गया कि उसने मेरे 4 दोस्तों के साथ भी चुदाई करवाई है.

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होली में रंग लगाने के बहाने सगे देवर ने मेरी कसके ठुकाई की :- राधा

हेल्लो दोस्तों, मैं आप सभी का sexkahani.net में बहुत बहुत स्वागत करती हूँ। मेरा नाम राधा है। मैं पिछले कई सालों से sexkahani.net की नियमित पाठिका रहीं हूँ और ऐसी कोई रात नही जाती तब मैं इसकी रसीली चुदाई कहानियाँ नही पढ़ती हूँ। आज मैं आपको अपनी स्टोरी सूना रही हूँ। मैं उम्मीद करती हूँ कि यह कहानी सभी लोगों को जरुर पसंद आएगी।

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जीजाजी का लौड़ा हाथ में लेते ही चूत मे खुजली होने लगी

मेरा नाम डोली हैं और मैं पंजाब के लुधियाना से हूँ, मेरी उम्र 19 साल की हैं और यह सच्ची घटना 9 महीने पहले की हैं. मेरे घर में मेरे अलावा दो बहने हैं छोटी का नाम कुलदीप हैं और उसकी उम्र 16 साल हैं.

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मेरे भाई और उसके दोस्त ने मुझे चुदक्कड बना दिया

हेल्लो मेरा नाम अनुपमा पाठक है और यह कहानी मेरे बारे में है की कैसे मेरे भाई और उस के दोस्तों ने मेरे बॉय फ्रेंड के बजाय उन लोगो ने जबरदस्ती मेरी सील तोड़ी. चुदने बैठी थे अपने बॉय फ्रेंड से और चोद दिया भाई और उस के दोस्तों ने मस्ताराम.नेट वेब साईट मेरे भाई ने मुझे बताई थी यहाँ की कहानिया पढ़ के ऐसा लगा की मुझे भी अपनी कहानी लिखनी चाहिए. मेरे भाई ने ही मुझे चुदक्कड बना दिया है मतलब की चालू भाषा में मुझे उसने चुदेल बना दिया है अब तो चुदे बिना ऐसा लगता ही नहीं की जिन्दगी है बस चुदवाते रहो हर तरीके से लंड लेते रहो बस चले तो २४ घंटे चूत का बजा बजवाते रहो.एक दिन की बात है की मम्मी पापा दो दिनों के लिए बाहर जाने वाले थे तो उन्होंने मेरे भाई से कहा की घर का ख्याल रखना कही जाना नहीं तुम और अनुपमा को ही रहना है दो दिन अकेले तो उस पर ऋषि (भाई ) ने कहा की पापा आज मेरा क्रिकेट मेच है मैं नहीं रुकुंगा शाम को वापस आ जाऊंगा तो पापा ने कहा की बेटा अनुपमा ऐसा करना की शाम तक के लिए किसी सहेली को बुला लेना मैंने कहा ठीक है पापा वोह लोग ११ बजे की ट्रेन से चले गए और भाई भी आधे घंटे बाद यह कह के चला गया की मैं जा रहा हूँ तू किसी सहेली को बुला ले मैं पांच या छः बजे तक आ जाऊंगा. मैंने भी सोचा की क्या फर्क पड़ता है अकेले रह लुंगी जाने देती हूँ ऋषि को. मैं उसके जाने के बाद टी वी देखने बैठ गई थोड़ी देर बाद मैंने सोचा की अब १ बज रहा है नहा धो लेती हूँ फिर कुछ बना लूंगी खाने के लिए तो मैंने अपने ब्रा पेंटी उठाये तोवेल लिया और बाथरूम में घुस गई कपडे उतार के घर में कोई था नहीं तो कोई टेंशन भी नहीं थीजवान तो मैं हो ही गई थी पर कमाल की बात थी की मैंने अभी तक किसी से चुदवाया नहीं था बस कभी कभी अपनी चूत में ऊँगली डाल के उस को मज़े दिला लेती थी आज भी अकेली थी तो बाथरूम में जब मैं नंगी होके नहाने लगी तो मन किया की क्यूं ना थोडा मजा लिया जाये तो मैं अपनी चूत में उंगी डाल के उसे सहलाने लगी थोडा बहुत मसल मसल के मैंने चूत को गरम कर लिया अपने बूब्स से खेलने लगी उंगली डालने के कारन अब मस्ती छाने लगी थी चूत गरम हो गई थी अचानक मेरे मोबाइल पर किसी का कॉल आया तो मैंने सोचा आने दो नहा के कॉल बैक कर लूंगी पर मोबाइल फिर से बज उठा मुझे बड़ा गुस्सा आया की यहाँ चूत में गर्मी चढ़ रही है जाने कौन है जो मेरी चूत का दुश्मन बना जा रहा है तीसरी बार बजी तो मैंने सोचा की कही पापा का ना हो तो मैं बाथरूम से टॉवेल लपेट के कमरे में आई तो फ़ोन फिर से बज उठा मैंने जल्दी से मोबाइल उठाया तो देखा की धर्मेश ( मेरा बॉय फ्रेंड) का फ़ोन था मैंने हेल्लो बोला तो बोला जान इतना टाइम कैसे लगा किया कॉल ले ने में मैंने कहा की नहा रही थी तुम्हे भी तो चैन नहीं है नहाने भी नहीं दिया ठीक से तो धर्मेश ने शरारत से कहा की वाह जान मैंने भी आ जून क्या नहाने साथ तुम्हारे मैं थोड़ी शर्मा सी गई तो मैंने कहा धत्त शरारती कही की वह हंस पड़ा बोला यार अनुपमा मैं कौन सा आने ही वाला था मरना है | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |  क्या वह आके तुम्हारे मम्मी पापा मुझे मार डालेंगे तो अचानक मेरे मुह से निकल गया की अरे वह लोग तो हैं नहीं यार आज घर में मैं अकेली ही हूँ भाई भी नहीं है तो धर्मेश ने कहा की वाह जानेमन आज तो मौका है आ जाऊं क्या थोड़ी मस्ती हो जाये मैंने कहा की पागलो जैसी बात नहीं करो चलो अब मैं जा रही हूँ नहा के आती हूँ फिर खाना भी बनाना है मुझे अपने लिए तुम्हे क्या है तो वह बोला की जानू मैं पिज्जा ले आता हूँ वही पर थोड़े मजे भी कर लूँगा तुम्हारे साथ मैंने कहा की नहीं नहीं आना मत यहाँ पर उसने कहा की जैसी तुम्हारी मर्ज़ी मैं फिर से बाथरूम में घुस गई और नहाने लगी नहाते नहाते मैंने चूत पर साबुन लगाया अपने नीचे के बालो को भी थोडा सा साबुन लगा के साफ़ किया तो जब मैं चूत पर साबुन लगा रही थी तो चूत में फिर से सनसनाहट होने लगी तो मैंने फिर से उंगली डाल के चूत को रगड़ना शुरू कर दिया अचानक मैं वासना से पागल सी हो गई ऐसा लग रहा था की उफ़ यह पतली सी ऊँगली क्या मज़ा देगी कोई मोटी चीज़ होती तो मजा आ जाता बस यही सोचते हुए अचानक मेरे मन में ख़याल आया की अनुपमा आज चूत की गर्मी निकलने का अच्छा मौका है माँ पापा भी नहीं है भाई शाम तक आने वाला नहीं है तो क्यूं ना धर्मेश को बुला लिया जाये बस यह ख़याल आते ही मैंने चूत से खेलना छोड़ के अपने नीचे के बाल रिमूवर से साफ़ किये ताकि पहली बार चुदने जा रही हूँ तो बॉय फ्रेंड को भी तो मजा आना चाहिए फिर मैंने फटाफट नहाया और बाहर आ के धर्मेश को फ़ोन लगाया की उस ने फ़ोन उठाया तो बोला की जानू क्या हुआ कैसे कॉल किया तो मैंने कहा की पिज्जा खाने का मन हो रहा है ला रहे हो क्या (मैंने उसे यह नहीं बताया की आज मैं चुदाई की आग में जल रही हूँ मैंने सोचा की उस को थोडा सा तडपाऊँगी तो अपने आप ही कहेगा की आज कुछ कर लेने दो मन मत करो ) उसने कहा की जानू तुम्हारे लिए कुछ भी बोलो कब आना है मैंने कहा की आ जाओ जल्दी से भूख लग रही है बड़ी (वह बात अलग है की पिज्जा की नहीं चुदाई की) उस ने कहा की डोमिनो से पिज्जा ले के आ रहा है वह बस थोड़ी देर में.उसके बाद मैंने अपनी एक लेस वाली बढ़िया सी ब्रा और पेंटी निकली और पहन ली बढ़िया परफ्यूम लगाया और एक टॉप निकाल के पहन लिया जींस पहन ही रही थी की ख्याल आया की नहीं जींस नहीं कोई मिनी स्कर्ट पहनी जाये ताकी धर्मेश को रिझाने में आसानी रहेगी तो मैंने एक सेक्सी सी मिनी स्कर्ट पहन ली फिर शीशे में देखा की हाँ अब मैं किसी भी लड़के का लंड खड़ा करने लायक दिख रही हूँ आज धर्मेश मुझे खुद कहेगा की आज मुझे अपनी जवानी का मज़ा ले लेने दो. मैं अपने आप को शीशे में निहार रही थी की घंटी बजी मैं समझ गई की धर्मेश आ गया है पिज्जा ले के मैंने तेज़ी में गेट की तरफ गई और दरवाजा खोला तो वह धर्मेश ही खड़ा था. उस ने मुझे देख के कहा की क्या बात है जानेमन आज तो क़यामत लग रही ही देख के ही बिजली गिर रही है दिल पर मैंने शरमाते हुए कहा की चलो बेकार की बातें मत करो रोज़ जैसी ही तो लग रही हूँ अब जल्दी से अन्दर आ जाओ वरना कालोनी वाले देख ना ले मैंने धर्मेश का हाँथ पकड़ा और उसे अन्दर खीच लिया धर्मेश अन्दर आ गया तो मैं पलट के दरवाजे को लौक लगाने मुड़ी तो उस ने मुझे वापस खीच लिया और अपने होठ मेरे होठों पर रख दिए मुझे बांहों में भर लिया और मुझे किस करने लगा मैं तो आग में जल ही रही थी जवानी की मैंने भी उस को कस के बाहों में भर लिया और उस के होंठों को चूमने लगी मेरा साथ पा के तो धर्मेश पागल सा हो गया उस ने मुझे अपनी बाहों में मसलना शुरू कर दिया जैसे आज मेरा अंग अंग तोड़ देगा मैंने उस के कहा की उफ़ छोडो भी मुझे पिज्जा उस ने जमीन पर छोड़ दिया था | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है | और अब मेरे होठो को छोड़ के वह मेरी गर्दन मेरे गाल को चूमते हुए बोल उठा की आज तो ऐसा लग रहा है की कच्चा चबा जाऊं जानेमन कामाल की लग रही हो मैंने कहा हटो भी पिज्जा ठंडा हो रहा है मुझे भूख लगी है उस ने कहा की जानू आज तो तुम इतनी हॉट लग रही हो की पिज्जा भी तुम्हारी जवानी के आगे ठंडा ही लगेगा मैंने उसे धक्का दे कर अपने आप को छुडाया ओउर पिज्जा ले के सोफे पर बैठ गई और टीवी चला लिया तो धर्मेश भी मेरे बगल में आ के बैठ गया उस ने कहा की अनुपमा मैं पिज्जा लगा तो अब कम से कम लेन का मेहनताना तो ले लेने देती ठीक सेमैं हंस पड़ी उसे चिड़ाते हुए मैंने कहा की फिर तो मुझे खुद ही डोमिनो फोन कर के माँगा लेना था और जो पिज्जा देने आता उसे दो चार किस दे के कहती की हो गए तुम्हारे पैसे अब जाओ तो धर्मेश ने कहा की जानेमन वोह चला भी जाता पर अगर उस का खड़ा हो जाता तो तुम्हारी लिए बिना नहीं जाता और कहते हुए उस ने मेरे नंगी जांघ पर हाँथ फेर दिया मैं तो अभी मस्त हो के पिज्जा खाने के नाटक कर रही थी मैंने उसे रोका नहीं तो उस की हिम्मत बड़ी और और ने हाँथ थोड़ा और अन्दर कर दिया अब धर्मेश मेरी स्कर्ट के अन्दर हाँथ ड़ाल के मेरी जांघ को रगड़ रहा था मुझे मजा आने लगा था.मैंने टीवी के चैनल चेंज करने का नाटक किया और फिर से पिज्जा में मस्त हो गई तो उस ने मौका देख के जांघ को मसलना शुरू कर दिया और थोड़ा अन्दर की और हाँथ बड़ा के मेरे पेंटी को छूने लगा तो मैंने थोड़ा सा नाटक करते हुए उस के हाँथ पर चांटा मारा और कहा की हटो भी क्या मस्ती कर रहे हो और उस की तरफ नकली गुस्से से देखा तो मुझे समझ में आ गया की धर्मेश का चेहरा लाल होने लगा था उस पर मस्ती छाने लगी थी मैं समझ गई की तीर निशाने पर लग गया है अब ज्यादा देर नहीं है मेरी सील टूटने में अन्दर से डर भी लग रहा था की पहली बार है ऐसा ना हो की सह नहीं पाऊं मैं लंड को अपनी छोटी सी चूत में फिर सोचा की जो होगा देखेंगे मर जवानी का मज़ा तो लेना है आज चाहे कुछ भी हो जाये मैं फिर से टीवी की तरफ देखने लगी मन टीवी में नहीं लग रहा था पर नाटक तो करना था ना की धर्मेश ये न समझे की उस की गर्ल फ्रेंड तो बिगड़ी हुयी लड़की है मैं चाहती थी की वो ही मुझ से कहे की आज सेक्स कर लेने दो मुझे ताकि मेरा काम भी हो जाये और उस की नज़र में यह भी रहे की मैंने धर्मेश के कहने पर ही अपनी सील तुडवाई हैमैंने धर्मेश को रोका नहीं तो उस की हिम्मत और बढ़ गई उस ने जांघ पर हाँथ फेरना बंद कर दिया और अब उस ने अपना हाँथ मेरे टॉप के नीचे से अन्दर ड़ाल दिया और मेरे बूब्स को मसलने लगा तो मैंने कहा हाय क्या कर रहे हो क्यूं शैतानी कर रहे हो यह कहते हुए मैंने उस के हाँथ को पकड़ लिया तो उस ने कहा की जानू प्लीज थोड़े मज़े ही ले लेने दो ना मैंने कहा हटो यह सब शादी के बाद करने के काम है किस तो चलता है यह सब नहीं. धर्मेश का तो तब तक मन बन गया था की आ मेरी ले के ही मानेगा तो उस ने मुझे प्यार की कसम देते हुए कहा की जानू तुम मुझ से प्यार करती हो तो मुझे आज रोको मत तो मैंने भी थोड़े नाटक करते हुए उसे मेरे बूब्स दबाने दिए तो मुझे भी थोड़ी मस्ती आने लगी मैं भी सिसकारी भरने लगी तो उस को और मजा आने लगा तो उस ने मुझे सोफे पर धकेल दिया और मेरे ऊपर चढ़ के मेरे लिप्स चूमने लगा और अपने हाँथ से मेरे बूब्स को मसलने लगा मैं उफ़ उफ़ करने लगी और उस से कहने लगी की हाय धर्मेश मत करो ना कुछ कुछ होता है अन्दर तो उस ने कहा की होने तो जानेमन प्यार की आग है जो तुम्हारे अन्दर जल रही है आज मुझे अपनी जवानी की आग को बुझा लेने दो कहते हुए मेरी स्कर्ट के उंदर हाँथ ड़ाल के उसे नीचे सरका दिया और फिर मेरी पेंटी में हाँथ ड़ाल के मेरी चूत को रगड़ने लगा | आप यह कहानी मस्ताराम.नेट पर पढ़ रहे है |

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